अपने घर के बिजली बिल और लोड के हिसाब से सही सोलर सिस्टम KW Size कैसे चुनें? 1kW–10kW सोलर पैनल लागत, स्पेस, सब्सिडी, और जनरेशन गाइड हिंदी में।
✅ KW Size कैसे तय होता है?
आपके घर में सोलर पैनल का सिस्टम तीन चीज़ों पर निर्भर करता है:
| Factor | कैसे असर डालता है |
|---|---|
| 1️⃣ मासिक बिजली का बिल | जितना खर्च, उतनी ज़रूरत |
| 2️⃣ छत की जगह (Space Available) | ज्यादा KW = ज्यादा स्पेस |
| 3️⃣ Net Metering / Backup Need | बैटरी लगेगी या नहीं |
✅ बिजली बिल के हिसाब से कितने KW सोलर चाहिए?
| मासिक बिजली बिल | टोटल यूनिट | Required Solar System (KW) | अनुमानित Cost |
|---|---|---|---|
| ₹1,000 – ₹2,000 | 80–120 यूनिट | ✅ 1 kW | ₹55,000 – ₹75,000 |
| ₹2,000 – ₹3,000 | 150–240 यूनिट | ✅ 2 kW | ₹1.1 – ₹1.5 लाख |
| ₹3,000 – ₹4,000 | 250–350 यूनिट | ✅ 3 kW | ₹1.7 – ₹2.0 लाख |
| ₹4,000 – ₹6,000 | 350–450 यूनिट | ✅ 4 kW | ₹2.5 – ₹3.2 लाख |
| ₹6,000 – ₹8,000 | 450–650 यूनिट | ✅ 5 kW | ₹3.5 – ₹4.2 लाख |
| ₹10,000+ | 800+ यूनिट | ✅ 8–10 kW | ₹5–9 लाख |
➡ सोलर जितना बड़ा होगा, बिल उतना कम होगा।
➡ 3kW सिस्टम घरों के लिए सबसे ज़्यादा चुना जाता है।
✅ लोड के हिसाब से सोलर पैनल साइज

| Appliance | Quantity | Consumption (W) | Total Load |
|---|---|---|---|
| LED Bulbs | 10 | 9W | 90W |
| Fans | 3 | 75W | 225W |
| TV | 1 | 100W | 100W |
| Fridge | 1 | 200W | 200W |
| Laptop/Mobile | 2–4 | 50–100W | 200W |
| Total Daily Load | ✅ ≈ 1000W |
➡ यानी 1KW सिस्टम से बेसिक लोड आराम से चलेगा।
अगर एसी/गीज़र भी चलते हैं ⬇
| Appliance | Load |
|---|---|
| AC (1 Tonne) | 1000W+ |
| Geyser | 1500W+ |
| Dishwasher/Washing Machine | 500–800W |
✅ AC और गीज़र के लिए 3–5KW सिस्टम चाहिए।
✅ छत पर कितना स्पेस चाहिए?
| Solar Capacity | Required Area | Panels Count |
|---|---|---|
| 1 kW | 80–100 Sq.ft | 2–3 panels |
| 2 kW | 200 Sq.ft | 5–6 panels |
| 3 kW | 300 Sq.ft | 8–9 panels |
| 5 kW | 500 Sq.ft | 13–15 panels |
| 10 kW | 1000 Sq.ft | 25–30 panels |
💡 Tip:
Shadow free area होनी चाहिए ✅
चिमनी / पेड़ की छाया generation कम कर देती है।
✅ Battery वाला या बिना बैटरी वाला सिस्टम?
| प्रकार | कब चुनें? | फायदे | नुकसान |
|---|---|---|---|
| ✅ On-Grid (बिना बैटरी) | बिजली कट कम होता हो | बिल लगभग खत्म | बैकअप नहीं |
| ✅ Hybrid | backup + net metering चाहिए | best दोनों | महंगा |
| ✅ Off-grid (बैटरी) | गाँव/फार्म हाउस | full backup | maintenance + battery cost |
📌 शहरों और घरों के लिए On-Grid सबसे सस्ता और बेस्ट ✅
✅ कितना बिजली जनरेट होगा?
| System Size | Daily | Monthly | Yearly |
|---|---|---|---|
| 1 kW | 4–5 यूनिट | 120–150 | 1500–1800 |
| 2 kW | 8–10 | 240–300 | 3000–3600 |
| 3 kW | 12–15 | 360–450 | 4500–5400 |
| 5 kW | 20–25 | 600–750 | 7200–9000 |
📌 जिन राज्यों में धूप ज्यादा — Rajasthan, MP, Gujarat, Haryana — वहाँ generation और ज्यादा होती है।
✅ सब्सिडी: कितना फायदा मिलेगा?


| System Size | Subsidy % | Approx Benefit |
|---|---|---|
| 1–3kW | 40% | ₹30,000–₹78,000 |
| 3–10kW | 20% | ₹50,000–₹1,00,000 |
➡ Subsidy सीधे Aadhar-linked बैंक खाते में आती है।
❓ FAQs —
Q1. 3kW सोलर से AC चल सकता है?
👉 हाँ, 1 AC + बेसिक लोड आराम से चलेगा।
Q2. छत न हो तो क्या सोलर लग सकता है?
👉 Balcony / Tin Shed / Car Parking पर भी लगाया जा सकता है।
Q3. क्या Net Metering हर जगह मिलती है?
👉 ज़्यादातर राज्यों में हाँ, पर approval जरूरी है।
Q4. सोलर लगवाने पर बिल कितना आएगा?
👉 90–95% तक कम हो जाता है।
Q5. कौन-से ब्रांड सबसे अच्छे हैं?
👉 Adani, Tata, Waaree, Vikram Solar, Renewsys
✅ निष्कर्ष
घर के लिए सोलर पैनल KW Size चुनना 🔋
✅ आपका बिल
✅ आपका लोड
✅ आपकी छत
✅ Net Metering की उपलब्धता
इन चार बातों पर आधारित है।